यूजीसी दिशानिर्देश

रैगिंग विरोधी उपायों के बारे में

एंटी-रैगिंग उपाय – एम्स बिलासपुर (हि.प्र.)
रैगिंग क्या है?

रैगिंग से तात्पर्य निम्नलिखित किसी भी कृत्य से है:

  1. किसी छात्र या छात्रों द्वारा बोले गए, लिखित शब्दों अथवा किसी कार्य के माध्यम से किसी नवप्रवेशी (फ्रेशर) या अन्य छात्र को परेशान करना, चिढ़ाना, दुर्व्यवहार करना अथवा अशिष्ट व्यवहार करना।
  2. किसी छात्र या छात्रों द्वारा अव्यवस्थित या अनुशासनहीन गतिविधियों में संलग्न होना, जिससे किसी नवप्रवेशी या अन्य छात्र को असुविधा, कठिनाई, शारीरिक अथवा मानसिक क्षति पहुँचे या ऐसी आशंका उत्पन्न हो।
  3. किसी छात्र को ऐसा कार्य करने के लिए बाध्य करना जिसे वह सामान्य परिस्थितियों में नहीं करेगा और जिससे उसके मन में शर्म, पीड़ा या अपमान की भावना उत्पन्न हो तथा उसके शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
  4. किसी वरिष्ठ छात्र द्वारा ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी अन्य छात्र या नवप्रवेशी की नियमित शैक्षणिक गतिविधियाँ बाधित, अवरुद्ध या प्रभावित हों।
  5. किसी नवप्रवेशी या अन्य छात्र से व्यक्तिगत अथवा समूह को सौंपे गए शैक्षणिक कार्य करवाने हेतु उसका शोषण करना।
  6. किसी नवप्रवेशी या अन्य छात्र पर आर्थिक दबाव डालना अथवा उससे जबरन धन व्यय करवाना।
  7. किसी भी प्रकार का शारीरिक दुर्व्यवहार, जिसमें यौन उत्पीड़न, कपड़े उतरवाना, अश्लील कार्य या संकेत करने के लिए मजबूर करना, शारीरिक चोट पहुँचाना अथवा स्वास्थ्य एवं जीवन को खतरे में डालना शामिल है।
  8. मौखिक टिप्पणियों, ई-मेल, सोशल मीडिया पोस्ट या सार्वजनिक अपमान के माध्यम से किसी छात्र का मानसिक उत्पीड़न करना अथवा उसे असहज स्थिति में डालकर विकृत या क्रूर आनंद प्राप्त करना।
  9. ऐसा कोई भी कार्य जिससे किसी नवप्रवेशी या अन्य छात्र का मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास या आत्मसम्मान प्रभावित हो, चाहे उसका उद्देश्य शक्ति, अधिकार या श्रेष्ठता का प्रदर्शन करना ही क्यों न हो।
निम्नलिखित कार्य भी रैगिंग माने जाएंगे:
  1. रैगिंग के लिए उकसाना या सहायता करना
  2. रैगिंग के लिए आपराधिक षड्यंत्र करना
  3. रैगिंग के उद्देश्य से अवैध रूप से एकत्रित होना
  4. रैगिंग के दौरान सार्वजनिक उपद्रव उत्पन्न करना
  5. रैगिंग के माध्यम से शालीनता एवं नैतिकता का उल्लंघन करना
  6. शारीरिक चोट या गंभीर चोट पहुँचाना
  7. अवैध रूप से रोकना
  8. अवैध रूप से बंधक बनाना या कैद करना
  9. आपराधिक बल का प्रयोग करना
  10. हमला, यौन अपराध अथवा अप्राकृतिक अपराध करना
  11. जबरन धन उगाही (Extortion)
  12. आपराधिक अतिक्रमण (Criminal Trespass)
  13. संपत्ति के विरुद्ध अपराध करना
  14. आपराधिक धमकी देना
  15. उपरोक्त अपराधों को करने का प्रयास करना
  16. उपरोक्त अपराधों को करने की धमकी देना
  17. शारीरिक या मानसिक अपमान करना
  18. रैगिंग की परिभाषा के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी अपराध

एम्स बिलासपुर परिसर में रैगिंग के सभी रूप पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। संस्था रैगिंग करने अथवा रैगिंग को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेगी।

नवप्रवेशी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी इच्छा के विरुद्ध कोई भी कार्य न करें, चाहे ऐसा करने का निर्देश किसी वरिष्ठ छात्र द्वारा दिया गया हो। संस्था उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को सहन नहीं करेगी।

चूँकि रैगिंग की घटनाएँ प्रायः छात्रावासों, मेस एवं अन्य छात्र क्षेत्रों में होती हैं, इसलिए छात्रावास परिसर में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है। कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने तथा किसी भी घटना की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

जो नवप्रवेशी छात्र रैगिंग की घटना की सूचना नहीं देते, चाहे वे पीड़ित हों या प्रत्यक्षदर्शी, उन्हें भी समान रूप से उत्तरदायी माना जाएगा। 

संभावित दंड (एंटी-रैगिंग समिति के अनुसार):
  1. कक्षाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं से निलंबन
  2. छात्रवृत्ति, फेलोशिप एवं अन्य लाभों को रोकना या वापस लेना
  3. किसी भी परीक्षा, परीक्षण अथवा मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित करना
  4. परीक्षा परिणाम रोकना
  5. संस्थान का प्रतिनिधित्व करने से प्रतिबंधित करना (क्षेत्रीय, राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर)
  6. छात्रावास से निलंबन अथवा निष्कासन
  7. प्रवेश निरस्त करना
  8. 1 से 4 सेमेस्टर तक संस्थान से निष्कासन (Rustication)
  9. संस्थान से स्थायी निष्कासन तथा निर्धारित अवधि तक किसी अन्य संस्थान में प्रवेश पर प्रतिबंध

रैगिंग विरोधी पोस्टर