उरोलोजि
परिचय
यूरोलॉजी विभाग की स्थापना जून 2022 में डॉ. उमा कान्त दत्त के सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के साथ हुई, जिन्हें बाद में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत किया गया। विभाग ने प्रारंभ में बाह्य रोगी (ओपीडी) परामर्श सेवाओं से कार्य प्रारंभ किया तथा फरवरी 2023 से क्रमिक रूप से अंतःरोगी भर्ती एवं शल्य चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया।
सीमित संकाय संख्या के बावजूद विभाग ने तीव्र गति से विकास करते हुए यूरोलॉजी के क्षेत्र में उन्नत नैदानिक, शल्य चिकित्सा, प्रत्यारोपण, शैक्षणिक एवं अनुसंधान सेवाएँ प्रदान करने वाले एक समग्र तृतीयक देखभाल सुपर-स्पेशियलिटी केंद्र का रूप ले लिया है।
विभाग के प्रारंभिक विकास में समर्पित गैर-शैक्षणिक जूनियर रेजिडेंट्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने विभाग की नैदानिक एवं परिचालन संरचना को विकसित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
वर्तमान में विभाग सप्ताह में तीन दिन ओपीडी सेवाएँ संचालित करता है, जहाँ प्रत्येक ओपीडी सत्र में औसतन लगभग 100–150 रोगियों का उपचार एवं परामर्श किया जाता है।
विभाग में वर्तमान समय में प्रति सप्ताह सामान्य अथवा क्षेत्रीय एनेस्थीसिया के अंतर्गत तीन वैकल्पिक (Elective) ऑपरेशन थियेटर दिवस तथा डे-केयर एवं लघु शल्य प्रक्रियाओं के लिए तीन समर्पित स्थानीय ओटी सत्र संचालित किए जाते हैं।
विभाग में वर्तमान में 20 कार्यशील बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है तथा भविष्य में इसके विस्तार की योजना है।
विभाग हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख से आने वाले रोगियों को भी सेवाएँ प्रदान करता है।
विजन वक्तव्य
“उन्नत मूत्रविज्ञान देखभाल, न्यूनतम चीर-फाड़ सर्जरी, गुर्दा प्रत्यारोपण, रोबोटिक्स, शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान में उत्कृष्टता का केंद्र स्थापित करना।”
भविष्य की दृष्टि
विभाग का लक्ष्य रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी, एवी फिस्टुला सर्जरी, एडवांस्ड रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी, हाई-वॉल्यूम रीनल ट्रांसप्लांटेशन, फंक्शनल यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और मल्टीसेंट्रिक एकेडमिक रिसर्च कोलैबोरेशन के क्षेत्र में और विस्तार करना है।
विभाग का अंतिम लक्ष्य भारत और विश्व स्तर पर अग्रणी यूरोलॉजी विभागों में से एक के रूप में विकसित होना है, जिसे रोगी देखभाल, अकादमिक क्षेत्र, सर्जिकल नवाचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण में उत्कृष्टता के लिए मान्यता प्राप्त हो।
मिशन वक्तव्य
- किफायती और व्यापक मूत्र रोग संबंधी देखभाल प्रदान करना।
- न्यूनतम चीरा और पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना।
- गुर्दा प्रत्यारोपण और रोबोटिक सर्जरी सेवाओं का विस्तार करना।
- उच्च गुणवत्ता वाली सुपरस्पेशियलिटी शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना।
- मूत्र संबंधी रोगों के बारे में सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के लिए।
संकाय
संकाय विवरण
| छायाचित्र | नाम | पदनाम | शैक्षणिक योग्यता | कार्यभार ग्रहण | रुचि के क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|---|
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डॉ. उमा कान्त दत्त | एसोसिएट प्रोफेसर | एम.चि. (यूरोलॉजी) | जून 2022 |
|
वरिष्ठ निवासी अकादमिक टीम का अवलोकन
| क्र. सं. | नाम | पदनाम | शैक्षणिक योग्यता | कार्यभार ग्रहण करने की तिथि |
|---|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. विवेक राजाना | वरिष्ठ रेजिडेंट (शैक्षणिक) | एम.एस. (सामान्य शल्य चिकित्सा) | जुलाई 2025 |
| 2 | डॉ. काजरी अष्टपुत्रे | वरिष्ठ रेजिडेंट (शैक्षणिक) | एम.एस. (सामान्य शल्य चिकित्सा) | फरवरी 2026 |
सेवाएं
नैदानिक सेवाएँ
विभाग यूरोलॉजी की सभी प्रमुख उप-विशेषताओं में व्यापक उपचार एवं प्रबंधन सेवाएँ प्रदान करता है, जिनमें एंडोयूरोलॉजी, पथरी रोग शल्यचिकित्सा, उन्नत लैप्रोस्कोपिक यूरोलॉजी, पुनर्निर्माणात्मक यूरोलॉजी, यूरो-ऑन्कोलॉजी, गुर्दा प्रत्यारोपण, एंड्रोलॉजी, फंक्शनल यूरोलॉजी तथा आपातकालीन यूरोलॉजी शामिल हैं।
एंडोयूरोलॉजी एवं पथरी रोग सेवाएँ
विभाग नियमित रूप से न्यूनतम इनवेसिव एंडोयूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं की विस्तृत श्रृंखला का संचालन करता है, जिनमें TURP, HoLEP, RIRS, Mini-PCNL, URSL, DJ स्टेंटिंग तथा उन्नत एंडोस्कोपिक पथरी उपचार प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों की सहायता से जटिल पथरी रोगों के प्रबंधन में विभाग ने विशेष विशेषज्ञता विकसित की है।
उन्नत लैप्रोस्कोपिक एवं ओपन सर्जरी
विभाग नियमित रूप से आधारभूत एवं उन्नत लैप्रोस्कोपिक शल्यक्रियाएँ करता है, जिनमें सिंपल नेफ्रेक्टॉमी, रैडिकल नेफ्रेक्टॉमी, जटिल नेफ्रेक्टॉमी, पार्टियल नेफ्रेक्टॉमी, रैडिकल सिस्टेक्टॉमी, पायलोप्लास्टी तथा यूरेट्रिक री-इम्प्लांटेशन शामिल हैं।
विभाग प्रमुख ओपन एवं पुनर्निर्माणात्मक शल्यक्रियाएँ भी करता है, जिनमें ओपन नेफ्रेक्टॉमी, ओपन सिस्टेक्टॉमी, यूरेथ्रोप्लास्टी, ऑर्किडेक्टॉमी तथा वैरिकोसील सर्जरी शामिल हैं।
उच्च जोखिम शल्य चिकित्सा देखभाल
विभाग एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी तथा क्रिटिकल केयर टीमों के साथ निकट समन्वय में गंभीर हृदय संबंधी सह-रोगों एवं कम इजेक्शन फ्रैक्शन वाले उच्च जोखिम रोगियों में भी प्रमुख यूरोलॉजिकल शल्यक्रियाएँ नियमित रूप से संपन्न करता है।
गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम
विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक अक्टूबर 2024 में किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम का शुभारंभ था।
कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक विभाग ने सफलतापूर्वक 14 किडनी प्रत्यारोपण किए हैं, जिनके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। इससे क्षेत्र में उन्नत रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
फंक्शनल यूरोलॉजी एवं एंड्रोलॉजी
विभाग वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी (Video UDS) प्रणाली तथा यूरोफ्लोमेट्री सेवाओं से सुसज्जित है। एंड्रोलॉजी सेवाओं के लिए ESWT प्रणाली की खरीद प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
अवसंरचना एवं प्रौद्योगिकी
- 100 वॉट होल्मियम लेज़र प्रणाली
- 2D लैप्रोस्कोपिक प्रणाली
- सी-आर्म फ्लोरोस्कोपी यूनिट
- BK 5000 अल्ट्रासाउंड मशीन
- फ्लेक्सिबल यूरेटेरोरेनोस्कोप
- अपर ट्रैक्ट एंडोस्कोपिक प्रणाली
- लोअर ट्रैक्ट मोनोपोलर एवं बाइपोलर एंडोस्कोपिक प्रणाली
- शॉकपल्स लिथोट्रिप्टर
- न्यूमैटिक लिथोट्रिप्सी प्रणाली
- वीडियो UDS प्रणाली
- यूरोफ्लोमेट्री सेवाएँ
आगामी तकनीकी उन्नयन
- 3D लैप्रोस्कोपिक प्रणाली
- रेज़ूम (Rezum) थेरेपी प्रणाली
- थॉम्पसन रिट्रैक्टर प्रणाली
- रोबोटिक सर्जिकल प्लेटफ़ॉर्म
- ESWL प्रणाली
- थुलियम लेज़र प्रणाली
- एंड्रोलॉजी हेतु ESWT प्रणाली
सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण
शैक्षणिक कार्यक्रम एवं रेजिडेंट प्रशिक्षण
विभाग का शैक्षणिक कार्यक्रम जुलाई 2025 में एम.सीएच. यूरोलॉजी रेजिडेंसी कार्यक्रम के प्रारंभ होने के साथ शुरू हुआ। वर्तमान में विभाग में प्रति वर्ष दो एम.सीएच. रेजिडेंट्स का प्रवेश होता है।
नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में रेजिडेंट शिक्षण कक्षाएँ, बेडसाइड क्लीनिक्स, सेमिनार, जर्नल क्लब, केस चर्चा तथा व्यावहारिक शल्य-प्रशिक्षण शामिल हैं।
विविध रोगियों एवं बढ़ते हुए शल्यकार्यभार के कारण रेजिडेंट्स को यूरोलॉजिकल रोगों एवं शल्यक्रियाओं के व्यापक क्षेत्र का समृद्ध अनुभव प्राप्त होता है।
कार्यशालाएँ एवं शैक्षणिक योगदान
विभाग संकाय सदस्यों एवं रेजिडेंट्स द्वारा सम्मेलन प्रस्तुतियों, शोध-पत्र प्रस्तुतियों, शल्य-कार्यशालाओं तथा शैक्षणिक सहयोगों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करता है।
हाल ही में विभाग ने संस्थान के इतिहास में अपनी तरह की पहली लाइव ऑपरेटिव कार्यशाला का सफल आयोजन किया, जिसे संस्थान के विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञताओं द्वारा अत्यंत सराहा गया।
सामुदायिक पहुँच एवं जन-जागरूकता
विभाग स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों, रेडियो जागरूकता कार्यक्रमों, टेलीविजन पर लाइव चर्चाओं तथा जन-शिक्षा पहलों सहित विभिन्न सामुदायिक पहुँच कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से संलग्न है।
अनुसंधान एवं प्रकाशन
अनुसंधान गतिविधियाँ
विभाग प्रोस्टेट रोगों, मूत्राशय कैंसर, मूत्र पथरी रोग (Urolithiasis), एंडोयूरोलॉजी, फंक्शनल यूरोलॉजी तथा गुर्दा प्रत्यारोपण के क्षेत्रों में चल रहे नैदानिक एवं शैक्षणिक अनुसंधान कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न है।
संकाय सदस्य एवं रेजिडेंट नियमित रूप से वैज्ञानिक सम्मेलनों में भाग लेते हैं तथा क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर मौखिक प्रस्तुतियों, पोस्टर प्रस्तुतियों एवं शैक्षणिक चर्चाओं के माध्यम से योगदान देते हैं।
प्रकाशन
| क्र. सं. | प्रकाशन विवरण |
|---|---|
| 1 | Dutt UK, Kumar S, Dorairajan LN, Badhe BA, Manikandan R, Singh S. सौम्य प्रोस्टेट वृद्धि (Benign Prostatic Hyperplasia) वाले रोगियों में ट्रांसयूरेथ्रल रिसेक्शन ऑफ प्रोस्टेट के दौरान ऑपरेशन-पूर्व फिनास्टराइड के उपयोग का रक्तस्राव एवं सूक्ष्म रक्तवाहिका घनत्व पर प्रभाव: एक ओपन-लेबल रैंडमाइज़्ड नियंत्रित अध्ययन. Urol Ann. 2021;13(3):199-204. |
| 2 | Kumar S, Dutt UK, Singh S, Dorairajan LN, Sreerag KS, Zaphu T, Manikandan R. संशोधित क्लेवियन वर्गीकरण प्रणाली का उपयोग करते हुए ऊपरी मूत्र मार्ग अवरोध के लिए अल्ट्रासोनोग्राफी-निर्देशित परक्यूटेनियस नेफ्रोस्टॉमी के बाद जटिलताओं का संभावित ऑडिट. Urol Ann. 2020;12(1):31-36. |
| 3 | Dutt UK, Manikandan R, Dorairajan LN, Srinivas BH. व्यापक शिरापरक ट्यूमर थ्रोम्बोसिस के साथ द्वि-चरणीय (Biphasic) रीनल साइनोवियल सारकोमा: एक दुर्लभ प्रस्तुति. Urol Ann. 2018;10(3):339-341. |
| 4 | Kumar S, Dutt UK, Navriya SC, Mammen KJ. संपूर्ण यूरेटर क्षति के बाद इलियल यूरेटर प्रतिस्थापन: भूले हुए डबल-जे स्टेंट की एक गंभीर जटिलता. J Endourol Case Rep. 2020;6(3):217-219. |
| 5 | Khelge V, Kalra S, Dorairajan LN, Manikandan R, Dutt UK. मूत्राशय एजेनेसिस के साथ एकल प्रणाली एक्टोपिक यूरेटर हेतु लैप्रोस्कोपिक Mainz II तकनीक. J Endourol Case Rep. 2019;5(4):164-166. |
| 6 | COVIDSurg Collaborative; GlobalSurg Collaborative. SARS-CoV-2 संक्रमण के पश्चात शल्यक्रिया के समय निर्धारण पर एक अंतरराष्ट्रीय संभावित समूह अध्ययन. Anaesthesia. 2021;76(6):748-758. |
| 7 | COVIDSurg Collaborative एवं सहयोगी शोधकर्ता. COVID-19 लॉकडाउन का 61 देशों में 15 प्रकार के कैंसरों की नियोजित शल्यक्रियाओं पर प्रभाव: एक अंतरराष्ट्रीय संभावित समूह अध्ययन. Lancet Oncology. 2021;22(11):1507-1517. |
| 8 | Kumar S, Dutt UK, Singh S, Dorairajan LN, Manikandan R, Sampath E, Zaphu T. विफल होती आर्टेरियोवेनस फिस्टुला के लिए बचाव प्रक्रियाएँ: एक संस्थागत अनुभव. Indian Journal of Vascular and Endovascular Surgery. 2019;6(1):23-27. |
| 9 | Dutt UK, Kumar S, Muruganandham K, Dorairajan LN, Pillai AA. ऑर्थोटोपिक नियोब्लैडर से संचार करने वाला आंतरिक इलियाक धमनी का स्यूडोएन्यूरिज़्म: रैडिकल सिस्टेक्टॉमी की एक दुर्लभ जटिलता. Indian Journal of Vascular and Endovascular Surgery. 2019;6(3):198-200. |
| 10 | Mukherjee P, Goyal A, Dutt UK, Newton N, Bernard A. भूले हुए यूरेटेरिक डबल-जे स्टेंट की रोकथाम हेतु मैनुअल पेपर लॉगबुक आधारित स्टेंट रजिस्ट्री: एक संभावित हस्तक्षेपात्मक अध्ययन. CHRISMED Journal of Health Research. 2025;12(1):72-75. |
विभाग के संचालन एवं सांख्यिकी का अवलोकन
विभागीय परिचालन अवलोकन
| सेवा घटक | विवरण |
|---|---|
| ओपीडी सेवाएँ | प्रति सप्ताह 3 दिन – मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार |
| ऑपरेशन थियेटर (OT) | प्रति सप्ताह 3 वैकल्पिक (Elective) ओटी दिवस |
| माइनर ओटी / लोकल ओटी | प्रति सप्ताह 3 माइनर ओटी सत्र |
| कुल शल्यक्रियाएँ | लगभग 1500 |
| आपातकालीन मूत्ररोग देखभाल | 24×7 आपातकालीन यूरोलॉजी सेवाएँ उपलब्ध |
ओपीडी परामर्श सांख्यिकी
| वर्ष | ओपीडी परामर्श |
|---|---|
| 2022 | 1800 |
| 2023 | 10926 |
| 2024 | 11000 |
| 2025 | 14000 |
विभागीय सांख्यिकीय अवलोकन
प्रमुख शल्यक्रिया सांख्यिकी
| वर्ष | प्रमुख शल्यक्रियाओं की संख्या |
|---|---|
| 2023 | 150 |
| 2024 | 213 |
| 2025 | 436 |
| 2026 | 110 (अप्रैल तक) |
लघु प्रक्रियाओं (Minor Procedures) की सांख्यिकी
| वर्ष | लघु प्रक्रियाओं की संख्या |
|---|---|
| 2023 | 110 |
| 2024 | 200 |
| 2025 | 321 |
| 2026 | 210 (अप्रैल तक) |
कार्यात्मक यूरोलॉजी सेवाओं की सांख्यिकी
| सेवा | संपादित संख्या |
|---|---|
| यूरोडायनामिक अध्ययन (Urodynamic Study) | 40 |
| यूरोफ्लोमेट्री (Uroflowmetry) | 250 |
04/06/2026 14:55:56
