क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी

विजन वक्तव्य

ऑटोइम्यून सूजन और गठिया संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों को व्यापक देखभाल प्रदान करना।

मिशन वक्तव्य

ऑटोइम्यून और रूमेटिक रोगों में उत्कृष्टता का केंद्र स्थापित करना, क्षेत्र की निदान, उपचार और अनुसंधान संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना और विभाग को रूमेटिक ऑटोइम्यून रोग अनुसंधान में भविष्य के अग्रणी के रूप में स्थापित करना।

संकाय

क्र.सं. फोटो नाम एवं योग्यता पदनाम रुचि के क्षेत्र ई-मेल आईडी / रिसर्च गेट
1 डॉ योगेश प्रीत सिंह डॉ योगेश प्रीत सिंह
एमडी, डीएम (क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी)
सहायक प्रोफेसर इडियोपैथिक इंफ्लेमेटरी मायोसाइटिस, सिस्टमिक स्क्लेरोसिस, जाइंट सेल आर्टेराइटिस, ANCA वास्कुलाइटिस, ताकायासू आर्टेराइटिस dr.yogesh.rheumat@aiimsbilaspur.edu.in

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2 डॉ रवि कुमार शर्मा डॉ रवि कुमार शर्मा
एमएससी (माइक्रोबायोलॉजी), पीएच.डी. इम्यूनोलॉजी
सहायक प्रोफेसर इम्यूनोथेरेपी एवं एंटीजन-विशिष्ट प्रतिरक्षा dr.ravi.rheumat@aiimsbilaspur.edu.in

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सेवाएं

क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी विभाग स्व-प्रतिरक्षी तथा रूमेटिक रोगों के निदान, उपचार एवं प्रबंधन हेतु सेवाएं प्रदान करता है। विभाग बाह्य रोगी सेवाएं, आंतरिक रोगी उपचार, नैदानिक प्रक्रियाएं तथा विशेष उपचार जैसे जोड़ों में इंजेक्शन, उन्नत नैदानिक प्रक्रियाएं एवं जैविक औषधियां उपलब्ध कराता है।

निदान एवं उपचार:
विभाग विभिन्न प्रकार के रूमेटिक एवं स्व-प्रतिरक्षी रोगों की पहचान एवं उपचार में विशेषज्ञता रखता है। इनमें निम्न स्थितियां शामिल हैं:

  • सूजनयुक्त गठिया: रूमेटॉइड आर्थराइटिस, स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस, सोरियाटिक आर्थराइटिस, रिएक्टिव आर्थराइटिस, IBD संबंधित आर्थराइटिस, अविभेदित स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस।
  • अपक्षयी गठिया: ऑस्टियोआर्थराइटिस।
  • संयोजी ऊतक रोग: सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (SLE), सिस्टमिक स्क्लेरोसिस, इडियोपैथिक इंफ्लेमेटरी आर्थराइटिस, प्राइमरी स्जोग्रेन सिंड्रोम, मिश्रित संयोजी ऊतक रोग (MCTD), अविभेदित संयोजी ऊतक रोग (UCTD)।
  • वास्कुलाइटिस: ANCA वास्कुलाइटिस (GPA, MPA, EGPA), IgA वास्कुलाइटिस, ताकायासू आर्टेराइटिस, जाइंट सेल आर्टेराइटिस, बेहसेट रोग, पॉलीआर्टेराइटिस नोडोसा (PAN), द्वितीयक वास्कुलाइटिस।
  • क्रिस्टल गठिया: गाउट, CPPD / स्यूडोगाउट।
  • सॉफ्ट टिश्यू रूमेटिज्म: फाइब्रोमायल्जिया, मायोफेशियल दर्द, टेंडोनाइटिस, बर्साइटिस।
  • बाल्यकाल रूमेटिक रोग

नैदानिक उपकरण:
विभाग में समर्पित इम्यूनोलॉजी प्रयोगशाला (ECR) उपलब्ध है, जहां ऑटोएंटीबॉडी परीक्षण एवं अन्य प्रयोगशाला विश्लेषण हेतु उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है। ECR लैब (एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी प्रयोगशाला) PCR थर्मोसाइक्लर, फ्लोरोसेंट माइक्रोस्कोप, मल्टीमोड रीडर, लाइन इम्यूनोअसे एनालाइज़र तथा पूर्णतः स्वचालित नेफेलोमीटर जैसे आणविक, कोशिकीय एवं प्रोटिओमिक प्लेटफॉर्म से सुसज्जित है।

विभाग में इम्यूनोफ्लोरेसेंस / ELISA / लाइन इम्यूनोअसे द्वारा ऑटोएंटीबॉडी स्क्रीनिंग, HLA टाइपिंग, कॉम्प्लीमेंट स्तर, इम्यूनोग्लोबुलिन विश्लेषण एवं बायोमार्कर परीक्षण इन-हाउस किए जाते हैं।

समन्वित देखभाल:
विभाग समग्र उपचार एवं सहायता हेतु अस्थिरोग विशेषज्ञों, फिजिकल थेरेपिस्ट्स एवं अन्य विशेषज्ञों के साथ सहयोग करता है।

अनुसंधान एवं शिक्षा:
विभाग अनुसंधान एवं शिक्षा में सक्रिय रूप से संलग्न है तथा ज्ञानवृद्धि एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षण में योगदान देता है।

आंतरिक रोगी विभाग:
जटिल मामलों, रूमेटिक रोगों की तीव्र अवस्था अथवा अधिक गहन देखभाल की आवश्यकता वाले रोगियों हेतु भर्ती सुविधा उपलब्ध है।

बाह्य रोगी विभाग:
परामर्श एवं फॉलो-अप सहित व्यापक ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं। ओपीडी दिवस सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार हैं।

प्रक्रियाएं:

  • नैदानिक प्रक्रियाएं: जोड़ों से द्रव निकासी, लघु लार ग्रंथि बायोप्सी, नस बायोप्सी, मांसपेशी बायोप्सी, त्वचा बायोप्सी।
  • विशेष उपचार: जोड़ों में इंजेक्शन (इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन), जैविक औषधियां एवं इम्यूनोसप्रेसेंट दवाएं।

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम:

क्र.सं. पाठ्यक्रम का नाम पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम अवधि वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या उद्देश्य / पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
1 डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी 3 वर्ष प्रति वर्ष प्रवेश क्षमता 2 विद्यार्थी
वर्तमान संख्या = 2
डीएम एक 3 वर्षीय पोस्ट-डॉक्टोरल सुपर स्पेशलिटी प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी में उन्नत नैदानिक कौशल, विशेषज्ञता, गहन ज्ञान एवं अनुसंधान क्षमता विकसित करना है।

अनुसंधान

शोध में रुचि:

  • स्वप्रतिरक्षा में रोग उत्पन्न करने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं की पहचान।
  • ऑटोइम्यून रूमेटिक रोगों से पीड़ित रोगियों के लिए लक्षित इम्यूनोथेरेपी और निदान का विकास।

परियोजनाओं

परियोजनाएं:

  • RA रोगियों में क्लिनिकल प्रोफाइलिंग एवं एंटीबॉडी विशेषताओं का अध्ययन।
  • AIRDs में ऑटोएंटीबॉडी प्रोफाइल एवं इम्यूनोडॉमिनेंस का अध्ययन।

विस्तार योजना

विस्तार योजना:

  • विभाग अनुसंधान क्षमताओं का विस्तार करने की परिकल्पना करता है, जिसमें मास्टर विद्यार्थियों, पीएचडी शोधार्थियों तथा पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ताओं सहित सभी स्तरों के शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक ट्रांसलेशनल रिसर्च में सम्मिलित किया जाएगा।
  • विभाग इम्यूनोथेरेप्यूटिक्स के विकास पर केंद्रित ट्रांसलेशनल प्रयोगशालाओं की स्थापना का लक्ष्य रखता है।
  • स्व-प्रतिरक्षी एवं रूमेटिक रोगों के निदान और प्रबंधन में सुधार हेतु मस्कुलोस्केलेटल अल्ट्रासाउंड तथा नेल फोल्ड कैपिलरोस्कोपी जैसी अतिरिक्त सेवाएं प्रदान की जाएंगी।