सामान्य दवा

परिचय

आंतरिक चिकित्सा विभाग, जिसे बोलचाल की भाषा में सामान्य चिकित्सा या केवल चिकित्सा भी कहा जाता है, प्रमुख व्यापक विशिष्टताओं में से एक है। विभाग का कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता प्राथमिक देखभाल, आपातकालीन देखभाल, अस्पताल में भर्ती और गहन चिकित्सा तक फैली हुई है। दैनिक कामकाज के लिए, विभाग के संकाय तीन अलग-अलग इकाइयों में कार्य करते हैं। प्रत्येक इकाई अपने स्वयं के नैदानिक ​​शिक्षण और अस्पताल में भर्ती और ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए जिम्मेदार है। विभाग 2डी इको, मल्टीपैरा मॉनिटर और अत्याधुनिक वेंटिलेटर से सुसज्जित है। आंतरिक चिकित्सा विभाग एमबीबीएस शिक्षण में सैद्धांतिक और नैदानिक ​​प्रशिक्षण दोनों में सक्रिय रूप से शामिल है। यह तीन वर्षीय एमडी डिग्री भी प्रदान करता है, जिसमें हर छह महीने में तीन पद उपलब्ध होते हैं।

विजन वक्तव्य

एम्स बिलासपुर का आंतरिक चिकित्सा विभाग वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित करुणापूर्ण, नैतिक और रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने, अत्याधुनिक अनुसंधान के माध्यम से चिकित्सा ज्ञान को आगे बढ़ाने और आंतरिक चिकित्सा में सक्षम स्वास्थ्य पेशेवरों की अगली पीढ़ी को तैयार करने की परिकल्पना करता है।

मिशन वक्तव्य

समग्र, साक्ष्य-आधारित रोगी देखभाल प्रदान करना, चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करना और संक्रामक और गैर-संक्रामक दोनों रोगों से संबंधित प्रभावशाली अनुसंधान करना।

संकाय

क्र.सं. फोटो नाम एवं योग्यता पदनाम रुचि के क्षेत्र ईमेल आईडी / रिसर्च गेट
1 डॉ अजय जरयाल डॉ अजय जरयाल
एमबीबीएस एमडी डीएम FISN
अतिरिक्त प्रोफेसर उच्च रक्तचाप, कार्डियोरेनल मेडिसिन, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, इंटरवेंशनल मेडिसिन, POCUS, संक्रमण एवं इम्यूनोलॉजी dr.ajay.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
2 डॉ तरुण शर्मा डॉ तरुण शर्मा
एमबीबीएस एमडी FACEE
एसोसिएट प्रोफेसर आपातकालीन चिकित्सा कौशल एवं सिमुलेशन, POCUS, टेलीमेडिसिन, संक्रामक रोग, रूमेटोलॉजी, इंटरवेंशनल मेडिसिन dr.tarun.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
3 डॉ भूपेन्द्र कुमार डॉ भूपेन्द्र कुमार
एमबीबीएस एमडी, MRCP (UK)
एसोसिएट प्रोफेसर थायरॉइड, मधुमेह, मेटाबोलिज्म संबंधी यकृत रोग, जेरियाट्रिक्स, COPD, ACLS प्रोवाइडर, मेडिसिन में AI dr.bhupender.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
4 डॉ कपिल शर्मा डॉ कपिल शर्मा
एमबीबीएस एमडी, इमरजेंसी फेलो (ASHWAMEGH)
एसोसिएट प्रोफेसर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जीवनशैली रोग, आपातकालीन चिकित्सा, सेप्सिस, उष्णकटिबंधीय संक्रमण, क्रिटिकल केयर, POCUS, मेडिसिन में AI, इकोकार्डियोग्राफी dr.kapil.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
5 डॉ सुभाष चंदर डॉ सुभाष चंदर
एमबीबीएस एमडी
सहायक प्रोफेसर इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी, मधुमेह, सेप्सिस, हृदय विफलता, मेटाबोलिक सिंड्रोम dr.subhash.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
6 डॉ शिवानी चंदेल डॉ शिवानी चंदेल
एमबीबीएस एमडी
सहायक प्रोफेसर हेपेटोलॉजी, मधुमेह, मेटाबोलिक सिंड्रोम, मेटाबोलिज्म संबंधी यकृत रोग dr.shivani.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
7 डॉ अजय कुमार चौहान डॉ अजय कुमार चौहान
एमबीबीएस एमडी
सहायक प्रोफेसर आपातकालीन चिकित्सा एवं ICU देखभाल, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं क्लिनिकल हेमेटोलॉजी dr.ajaychauhan.medicine@aiimsbilaspur.edu.in
8 डॉ रणविजय सिंह डॉ रणविजय सिंह
एमबीबीएस एमडी
सहायक प्रोफेसर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, रीनल मेडिसिन ranvijaysingh9@gmail.com

सेवाएं

आंतरिक रोगी विभाग:
60 बिस्तरों वाला आंतरिक वार्ड, जिसमें 4 बिस्तरों वाला HDU, 4 बिस्तरों वाला मेडिसिन कोरोनरी केयर यूनिट तथा अलग 10 बिस्तरों वाला मेडिसिन मुख्य ICU शामिल है। पिछले एक वर्ष में मेडिसिन वार्ड में लगभग 4000 रोगियों का प्रबंधन किया गया। चौबीसों घंटे मेडिकल आपातकालीन सेवाएं एवं अंतर्विभागीय परामर्श उपलब्ध कराए जाते हैं। विभाग एक पृथक पल्मोनरी वार्ड एवं ICU भी संचालित करता है।

बाह्य रोगी विभाग:
दैनिक मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 250 रोगियों को सेवाएं प्रदान की जाती हैं। जेरियाट्रिक्स एवं गैर-संचारी रोगों हेतु विशेष सायंकालीन क्लिनिक सप्ताह में दो-दो बार आयोजित किए जाते हैं। ATT एवं ART सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।

विभाग द्वारा उपलब्ध प्रक्रियाएं (नैदानिक एवं/या उपचारात्मक):

  • ईसीजी
  • स्क्रीनिंग 2D ईको
  • PFT
  • ब्रोंकोस्कोपी
  • लम्बर पंचर
  • एसाइटिक टैप
  • प्ल्यूरल टैप
  • इंटर-कॉस्टल पिग टेल इंसर्शन
  • बोन मैरो एस्पिरेशन
  • बोन मैरो बायोप्सी
  • सेंट्रल वेनस लाइन
  • आर्टेरियल लाइन
  • एंडोट्रैकियल इंट्यूबेशन
  • POCUS

सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण

क्र.सं. पाठ्यक्रम का नाम पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम अवधि वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या उद्देश्य / पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
1 पीजी हेतु BLS एवं ACLS पीजी पाठ्यक्रम 2 दिन 50 पीजी रेजिडेंट्स को बेसिक एवं एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण प्रदान करना।
2 भारत सरकार के PANCHPRAN कार्यक्रम के अंतर्गत BSF डॉक्टरों एवं पैरामेडिक्स हेतु प्रशिक्षण (ट्रॉमा एवं लाइफ सपोर्ट) - 2 दिन 40 बेसिक एवं एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट तथा ट्रॉमा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान करना।
3 एमबीबीएस विद्यार्थी एवं नर्सिंग अधिकारी यूजी पाठ्यक्रम 2 दिन 100 BLS का प्रशिक्षण प्रदान करना।

अनुसंधान

क्र.सं. शीर्षक प्रधान अन्वेषक सह-अन्वेषक सहयोग विभाग / संस्थान वित्तपोषण एजेंसी परियोजना स्थिति
1 हाइपोथायरॉइडिज्म से संबंधित किडनी रोग - दो मामलों की रिपोर्ट। डॉ अजय जरयाल डॉ विक्रांत एस, डॉ शर्मा ए - - प्रकाशित (2024)
2 विटामिन B-12 की कमी की असामान्य प्रस्तुति: तीव्र दस्त एवं डायलिसिस की आवश्यकता वाली तीव्र किडनी चोट। डॉ अजय जरयाल डॉ विक्रांत एस, डॉ कुमार बी, डॉ शर्मा के, डॉ चंदर एस, डॉ चंदेल एस - - प्रकाशित (2024)
3 टनल्ड कफ्ड कैथेटर का स्वतः अंतःवाहिकीय सिर की ओर प्रवास - एक असामान्य विलंबित जटिलता एवं पुनः इमेजिंग की भूमिका। डॉ अजय जरयाल डॉ विक्रांत एस, डॉ बंसल वी, डॉ शर्मा एस, डॉ अनेजा आर - - प्रकाशित (2025)
4 आपातकालीन, ट्रॉमा एवं शॉक में नवीनतम: भारत में प्रीहॉस्पिटल एवं हाइपरएक्यूट स्ट्रोक देखभाल - जिन बाधाओं को पार करना है। डॉ तरुण शर्मा डॉ कम्म एस - - प्रकाशित (2024)
5 आपातकालीन ट्रॉमा एवं शॉक में नवीनतम: गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर अवधि में सेरेब्रल वेन थ्रॉम्बोसिस। डॉ तरुण शर्मा डॉ केलकर डी, डॉ कम्म एस - - प्रकाशित (2024)
6 NCD महामारी: डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों की भूमिका। डॉ कपिल शर्मा डॉ शर्मा एस - - प्रकाशित (2024)
7 मिलियरी ट्यूबरकुलोसिस के दौरान तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम में प्रसारित अंतःवाहिकीय रक्तस्रवण विकार। डॉ कपिल शर्मा डॉ अजय जरयाल, डॉ सुमिता शर्मा, डॉ लोकेश राणा - - प्रकाशित (2024)
8 दुर्लभ वंशानुगत विकारों के सह-अस्तित्व से उत्पन्न अनकंजुगेटेड हाइपरबिलिरुबिनेमिया का एक केस अध्ययन। डॉ शर्मा एस डॉ शर्मा के, डॉ तैयवाडे ओ.के. - - प्रकाशित (2024)
9 GlucoBreath: IoT, ML एवं श्वास-आधारित गैर-आक्रामक ग्लूकोज़ मीटर। रीतु कपूर यशवंत कुमार, रितिक शर्मा, शिवानी शर्मा, अन्य IEEE Access - प्रकाशित (2024)
10 Doxorubicin पर उभरता अनुसंधान एवं भविष्य की दिशाएं: एक संक्षिप्त अवलोकन। सिन्हा एस. जितेन्द्र, कुमार बी., प्रसाद सी., चौहान एस., सिंह, कुमार एम. - - प्रकाशित (2025)
11 लक्षणहीन रोगी में प्रारंभिक अभिव्यक्ति के रूप में कोहनी पर गाउटी टोफी का साइटोलॉजिकल निदान। सुषमा भारती रेणु बैरवा, देवेंद्र बैरवा, तरुण शर्मा Journal of Bone and Joint Diseases - प्रकाशित

परियोजनाओं

क्र.सं. शीर्षक प्रधान अन्वेषक सह-अन्वेषक सहयोग विभाग / संस्थान वित्तपोषण एजेंसी परियोजना स्थिति
1 उत्तर-पश्चिम भारत में तीव्र ज्वरजनित बीमारी (AFI) की बहु-केंद्रित सिंड्रोमिक निगरानी। - डॉ अजय जरयाल
डॉ भूपेन्द्र कुमार
PGIMER चंडीगढ़,
सूक्ष्मजीवविज्ञान विभाग AIIMS बिलासपुर
ICMR
निधि: ₹57,33,396
वित्तपोषण की प्रतीक्षा में
2 मेटफॉर्मिन अथवा मेटफॉर्मिन + DPP-4 inhibitor लेने वाले T2DM रोगियों में विटामिन D एवं विटामिन B12 स्थिति का मूल्यांकन - रेट्रोस्पेक्टिव अध्ययन। डॉ तरुण शर्मा - - ICMR-STS परियोजना (2024-2026) प्रगति पर
3 भारत के ‘बिग फोर’ विषैले सर्पों के बहु-कार्यात्मक विषाक्त पदार्थों को लक्षित करने हेतु नवीन recombinant polyvalent antivenom का विकास। - डॉ तरुण शर्मा - ICMR
(2025-2028)
निधि: ₹44,76,199
प्रगति पर (2025-2028)
4 स्वास्थ्य सेवा हेतु डिजिटल नोज़: मधुमेह एवं हृदय रोग का निदान। - डॉ भूपेन्द्र कुमार - IIT मंडी के सहयोग से
निधि: ₹67,48,500
प्रगति पर
5 नव-निदानित टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस रोगियों में मेटाबोलिक सिंड्रोम की घटना दर। डॉ भूपेन्द्र कुमार डॉ सुभाष चंदर - - प्रगति पर
6 हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र के हाइपोथायरॉइड रोगियों में न्यूरोफिजियोलॉजिकल एवं जैव-रासायनिक मानकों का क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। - डॉ कपिल शर्मा - - प्रगति पर

विस्तार योजना

क्र.सं. सहयोग हेतु विभाग / संस्थान के साथ सहयोग प्रदान की जाने वाली सेवाएं / सहयोग अंतर्गत कार्य
1
  1. समर्पित मधुमेह एवं मेटाबोलिक विकार इकाई की स्थापना।
  2. गैर-संचारी रोगों की महामारी विज्ञान एवं प्रबंधन में अनुसंधान और नवाचार।
  3. संक्रामक रोगों एवं उभरते संक्रमणों पर अनुसंधान।
  4. यकृत फाइब्रोसिस के गैर-आक्रामक मूल्यांकन हेतु समर्पित फाइब्रोस्कैन सुविधा की स्थापना।
  5. प्रतिरोधी एवं द्वितीयक उच्च रक्तचाप हेतु विशेषीकृत हाइपरटेंशन क्लिनिक का विकास।
  6. रिमोट मॉनिटरिंग एवं वर्चुअल परामर्श सहित टेलीमेडिसिन आधारित मधुमेह प्रबंधन प्रारंभ करना।
  7. आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर रोगियों हेतु AI-समेकित निर्णय सहायता प्रणाली का विकास।
  8. व्यावहारिक कार्यशालाओं सहित POCUS प्रशिक्षण एवं अनुसंधान कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना।
  9. AI आधारित चिकित्सा एवं टेलीमेडिसिन सेवाओं में अनुसंधान तथा कौशल विकास हेतु राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग।
  10. उच्च स्तरीय वेंटिलेटर, HFNC, ECMO तथा Continuous Renal Replacement Therapy (CRRT) सहित क्रिटिकल केयर अवसंरचना का उन्नयन।
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