नेफ्रोलॉजी

विजन वक्तव्य

एम्स बिलासपुर में नेफ्रोलॉजी विभाग ने 21 नवंबर, 2020 को संकाय सदस्यों की नियुक्ति के साथ कार्यभार संभाला। विभाग नेफ्रोलॉजी में नैदानिक ​​उत्कृष्टता, अकादमिक उन्नति और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक गुर्दा देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एम्स बिलासपुर में नेफ्रोलॉजी विभाग को उत्कृष्टता केंद्र और व्यापक गुर्दा देखभाल में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी के रूप में स्थापित करना, साथ ही नेफ्रोलॉजी में नैदानिक ​​सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है।

मिशन वक्तव्य

  • उन्नत प्रौद्योगिकियों और साक्ष्य-आधारित पद्धतियों का उपयोग करते हुए बाह्य रोगी, आंतरिक रोगी, डायलिसिस और प्रत्यारोपण सेवाओं में उच्च गुणवत्ता वाली, रोगी-केंद्रित गुर्दा संबंधी देखभाल प्रदान करना।
  • स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रशिक्षण के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और गुर्दे की बीमारियों के परिणामों में सुधार के लिए प्रभावशाली अनुसंधान को प्रोत्साहित करना।

संकाय

क्र. सं. फोटो नाम पदनाम शैक्षणिक योग्यता ORCID संख्या ई-मेल
1 डॉ. संजय विक्रांत डॉ. संजय विक्रांत प्रोफेसर एम.डी. (मेडिसिन)
डी.एम. (नेफ्रोलॉजी)
0000-0003-2527-0384 sanjayvikrant@rediffmail.com
2 डॉ. अजय जरयाल डॉ. अजय जरयाल अतिरिक्त प्रोफेसर एम.डी. (मेडिसिन)
डी.एम. (नेफ्रोलॉजी)
0000-0002-4411-6350 drajayjaryal@gmail.com
3 रिक्त पद रिक्त सहायक प्रोफेसर -- -- --

सेवाएं

नेफ्रोलॉजी विभाग गुर्दा रोगियों को बाह्यरोगी एवं अंतःरोगी दोनों स्तरों पर नियमित तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता है। डायलिसिस इकाई का शुभारंभ 05 अक्टूबर 2022 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा एम्स बिलासपुर के उद्घाटन के साथ किया गया था।

विभाग सप्ताह में तीन दिन बाह्यरोगी सेवाएँ संचालित करता है तथा विभिन्न वृक्क (किडनी) रोगों के लिए व्यापक नेफ्रोलॉजी परामर्श एवं उपचार सेवाएँ प्रदान करता है।

प्रक्रियाएँ एवं नैदानिक सेवाएँ

  • अस्थायी हेमोडायलिसिस कैथेटर का प्रत्यारोपण।
  • टनल्ड हेमोडायलिसिस कैथेटर का प्रत्यारोपण।
  • आर्टेरियोवीनस (AV) फिस्टुला का निर्माण।
  • मूल (नेटिव) किडनी बायोप्सी।
  • प्रत्यारोपित (ग्राफ्ट) किडनी बायोप्सी।

डायलिसिस सेवाएँ

डायलिसिस इकाई वर्षभर 24×7 संचालित रहती है, जिससे रखरखाव (Maintenance) डायलिसिस तथा आपातकालीन डायलिसिस सहायता की आवश्यकता वाले रोगियों को निर्बाध वृक्क प्रतिस्थापन चिकित्सा (Renal Replacement Therapy) उपलब्ध कराई जाती है।

क्रिटिकल केयर नेफ्रोलॉजी सेवाएँ

  • सतत वृक्क प्रतिस्थापन चिकित्सा (Continuous Renal Replacement Therapy - CRRT)
  • सस्टेन्ड लो-एफिशिएंसी डायलिसिस (SLED)
  • स्लो कंटीन्युअस अल्ट्राफिल्ट्रेशन (SCUF)
  • प्लाज़्माफेरेसिस (Plasmapheresis)

गुर्दा प्रत्यारोपण सेवाएँ

एम्स बिलासपुर को 08 अगस्त 2024 से हिमाचल प्रदेश की राज्य सक्षम प्राधिकरण (State Appropriate Authority) द्वारा गुर्दा प्रत्यारोपण हेतु पंजीकृत किया गया। इसके पश्चात तीन बिस्तरों वाली समर्पित रीनल ट्रांसप्लांट आईसीयू स्थापित की गई तथा 02 अक्टूबर 2024 से गुर्दा प्रत्यारोपण सेवाएँ प्रारम्भ कर दी गईं।

सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण

स्नातक शिक्षण (Undergraduate Teaching)
नेफ्रोलॉजी एवं डायलिसिस विषय में एमबीबीएस विद्यार्थियों को स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण प्रदान किया जाता है।

स्नातकोत्तर शिक्षण (Postgraduate Teaching)
मेडिसिन, बाल रोग एवं पैथोलॉजी विभागों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को नेफ्रोलॉजी में रोटेशनल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

पोस्ट-डॉक्टोरल शिक्षण (Post Doctoral Teaching)
डी.एम. (नेफ्रोलॉजी) प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्ष 2024 में प्रारम्भ किया गया। इसमें जनवरी एवं जुलाई सत्रों में प्रत्येक के लिए 2 सीटों का प्रवेश प्रावधान है।

कुल डी.एम. रेज़िडेंट्स: 06

पैरामेडिकल साइंसेज़ हेतु पाठ्यक्रम
बी.एससी. डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम नवंबर 2022 में प्रारम्भ किया गया, जिसमें प्रतिवर्ष 5 विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाता है।

कुल विद्यार्थियों की संख्या: 14

अनुसंधान/परियोजनाएँ

अनुसंधान के क्षेत्र

  • ट्रॉपिकल तीव्र वृक्क क्षति (Tropical AKI)
  • दीर्घकालिक वृक्क रोग (Chronic Kidney Disease - CKD)
  • ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस एवं वास्कुलाइटिस
  • वृक्क पथरी रोग (Renal Stone Disease)
  • ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD)
  • उच्च रक्तचाप (Hypertension)
  • मधुमेहजन्य वृक्क रोग (Diabetic Kidney Disease)
  • इलेक्ट्रोलाइट एवं अम्ल-क्षार विकार
  • क्रिटिकल केयर नेफ्रोलॉजी
  • पेरिटोनियल डायलिसिस
  • हेमोडायलिसिस
  • गुर्दा प्रत्यारोपण (Kidney Transplantation)

विभागीय अनुसंधान परियोजनाएँ

क्र. सं. परियोजना का शीर्षक IEC अनुमोदन संख्या प्रधान अन्वेषक (PI) सह-अन्वेषक (Co-I) वित्तपोषण का प्रकार / एजेंसी अवधि स्थिति स्वीकृत कुल निधि
1 हिमाचल प्रदेश राज्य में कृषि कार्य से जुड़े लोगों में कीटनाशक संपर्क एवं अज्ञात कारणों वाली दीर्घकालिक वृक्क रोग (CKDu) का अध्ययन AIIMS/BLS/IEC-BHR/25/23 दिनांक 10.03.2023 डॉ. अनुपम पराशर
डॉ. संजय विक्रांत
डॉ. अजय जरयाल
डॉ. अनुपमा धीमान
बाह्य वित्तपोषित (Extramural)
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद
2 वर्ष पूर्ण ₹ 5.6 लाख
2 CKD में हृदय-वाहिकीय रोगों हेतु एलोप्यूरिनॉल (AvoiD-CKD): एक डबल-ब्लाइंड, रैंडमाइज़्ड नियंत्रित बहु-केंद्रीय परीक्षण AIIMS/BLS/IEC-BHR/01/23 दिनांक 10.03.2023 डॉ. संजय विक्रांत डॉ. अजय जरयाल बाह्य वित्तपोषित (Extramural)
DBT-Wellcome Trust India Alliance बहु-केंद्रीय परियोजना
5 वर्ष पूर्ण ₹ 25,000/-
3 इंडियन ट्रांसलेशनल ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस बायोलॉजी नेटवर्क (I-TANGIBLE) AIIMS/BLS/IEC-BHR/36/23 दिनांक 22.07.2023 डॉ. संजय विक्रांत डॉ. अजय जरयाल बाह्य वित्तपोषित (Extramural)
बहु-केंद्रीय ICMR अध्ययन, जॉर्ज इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
3 वर्ष प्रगति पर -
4 EASi-KIDNEY – CKD रोगियों में एल्डोस्टेरोन सिंथेज़ अवरोधक एवं SGLT2 अवरोधक एम्पाग्लिफ्लोज़िन के प्रभाव का बहु-केंद्रीय, अंतरराष्ट्रीय, रैंडमाइज़्ड, डबल-ब्लाइंड, प्लेसीबो-नियंत्रित नैदानिक परीक्षण AIIMS/BLS/IEC-CT/2025-07 दिनांक 17.09.2025 डॉ. संजय विक्रांत डॉ. अजय जरयाल बाह्य वित्तपोषित (Extramural)
वैश्विक समन्वय: यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड; भारत में जॉर्ज इंस्टीट्यूट
5 वर्ष प्रगति पर -