ओटोलैरिंगोलॉजी और सिर-गर्दन की सर्जरी
परिचय
नवंबर 2020 में अपनी स्थापना के बाद से, ईएनटी विभाग न केवल हिमाचल प्रदेश राज्य से बल्कि पंजाब जैसे पड़ोसी क्षेत्रों से भी कान, नाक, गले की शिकायतों के साथ-साथ सिर और गर्दन के कैंसर के रोगियों की बढ़ती संख्या को बाह्य रोगी आधार पर सेवाएं प्रदान कर रहा है।
वर्तमान में, आपातकालीन मामलों के अलावा, ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग इक्कीस हजार मरीजों की जांच की जाती है। माइनर ओटी में, नाक की एंडोस्कोपी, वीडिओलैरिंगोस्कोपी और बायोप्सी जैसी लगभग 3,960 प्रक्रियाएं की गईं। ऑडियोलॉजी और स्पीच थेरेपी विभाग द्वारा लगभग दो हजार श्रवण परीक्षण और स्पीच थेरेपी सत्र आयोजित किए गए।
आपातकालीन ऑपरेशनों के अलावा, पिछले वर्ष सिर और गर्दन की सर्जरी, थायरॉयडेक्टॉमी, गर्दन का विच्छेदन, एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी और मास्टॉयडेक्टॉमी जैसी लगभग तीन सौ प्रमुख ऐच्छिक सर्जरी की गईं। इनमें से लगभग 170 मामलों में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत सर्जरी की गई।
हाल ही में, विभाग ने जन्मजात गंभीर श्रवण हानि से पीड़ित बच्चों के लिए अपना दसवां कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया। न्यूरोसर्जरी विभाग के सहयोग से, एंडोस्कोपिक हाइपोफाइसेक्टॉमी और एंडोस्कोपिक सीएसएफ राइनोरिया रिपेयर जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक स्कल बेस सर्जरी भी शुरू की गई हैं।
विजन वक्तव्य
हमारा उद्देश्य उन्नत चिकित्सा अनुसंधान, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और करुणापूर्ण रोगी देखभाल को एकीकृत करके विश्व स्तरीय कान, नाक, गले और सिर एवं गर्दन के कैंसर के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, साथ ही शिक्षा, नवाचार और नैदानिक अभ्यास में उत्कृष्टता के लिए एक सहयोगात्मक वातावरण को बढ़ावा देना है।
मिशन वक्तव्य
हमारा उद्देश्य कान, नाक और गले की बीमारियों तथा सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित रोगियों को व्यापक, उच्च गुणवत्ता वाली और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल प्रदान करना है। हम विशेषज्ञ नैदानिक सेवाओं, अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से अपने रोगियों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने और उनकी भलाई को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
संकाय
विभाग में चार समर्पित संकाय सदस्य कार्यरत हैं, जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा राइनोलॉजी, ओटोलॉजी, हेड एवं नेक सर्जरी तथा स्कल बेस सर्जरी जैसी विभिन्न उप-विशेषताओं में विशेषज्ञता हासिल की है।
संकाय सदस्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, जन-जागरूकता गतिविधियों तथा प्रशासनिक दायित्वों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
| क्र. सं. | फोटो | नाम | पदनाम | रुचि के क्षेत्र | ई-मेल आईडी |
|---|---|---|---|---|---|
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डॉ. सुदेश कुमार | अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष | राइनोलॉजी एवं हेड एवं नेक सर्जरी स्कल बेस सर्जरी ओटोलॉजी |
dr.sudesh.ent@aiimsbilaspur.edu.in |
| 2 | ![]() |
डॉ. सुमीत अंगराल | एसोसिएट प्रोफेसर | ओटोलॉजी राइनोलॉजी हेड एवं नेक सर्जरी |
dr.sumeet.ent@aiimsbilaspur.edu.in |
| 3 | ![]() |
डॉ. नेहा चौहान | एसोसिएट प्रोफेसर | राइनोलॉजी बाल कर्ण-नाक-गला रोग (पीडियाट्रिक ओटोलैरिंजोलॉजी) ओटोलॉजी |
dr.neha.ent@aiimsbilaspur.edu.in |
| 4 | ![]() |
डॉ. निधिन दास | सहायक प्रोफेसर | न्यूरो-ओटोलॉजी स्कल बेस सर्जरी हेड एवं नेक सर्जरी |
dr.nidhin.ent@aiimsbilaspur.edu.in |
सेवाएं
1. अंतःरोगी सेवाएं (Inpatient Services)
विभाग में दूसरी मंजिल, ई-ब्लॉक में स्थित 25 बिस्तरों वाला एक समर्पित वार्ड उपलब्ध है, जिसमें 4 बिस्तर निरंतर निगरानी (Continuous Monitoring) की सुविधा से युक्त हैं। रोगियों को शल्य चिकित्सा, नैदानिक मूल्यांकन तथा संबंधित जांचों हेतु भर्ती किया जाता है।
2. बाह्यरोगी सेवाएं (Outpatient Services)
क) ओपीडी सेवाएं
प्रारंभिक मूल्यांकन एवं जांचें दूसरी मंजिल, बी-ब्लॉक स्थित कक्ष संख्या 502, 503, 504 एवं 506 में सप्ताह में छह दिन की जाती हैं। नासिका एंडोस्कोपी, वीडियो-लैरिंगोस्कोपी तथा बायोप्सी जैसी प्रक्रियाओं के लिए एक समर्पित माइनर ओटी (कक्ष संख्या B558) उपलब्ध है।
ख) ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी
तीन समर्पित कक्ष (B527, B512 एवं B513) उपलब्ध हैं, जहां निम्नलिखित परीक्षण एवं सेवाएं प्रदान की जाती हैं:
- प्योर टोन ऑडियोमेट्री (Pure Tone Audiometry)
- टिम्पैनोमेट्री (Tympanometry)
- बीईआरए (Brainstem Evoked Response Audiometry)
- ओएई (Otoacoustic Emission): अस्पताल में जन्म लेने वाले सभी नवजात शिशुओं का सार्वभौमिक श्रवण जांच कार्यक्रम के अंतर्गत OAE परीक्षण किया जाता है।
- स्पीच थेरेपी
3. ऑपरेशन थिएटर सेवाएं (OT Services)
वैकल्पिक शल्य प्रक्रियाओं के लिए प्रति सप्ताह चार जनरल एनेस्थीसिया (GA) ऑपरेशन थिएटर तथा एक लोकल ओटी निर्धारित है। पिछले एक वर्ष में लगभग 300 जीए शल्यक्रियाएं तथा 170 स्थानीय प्रक्रियाएं संपन्न की गईं।
4. आपातकालीन ओटी सेवाएं (Emergency OT Services)
आपातकालीन परिस्थितियों में कुल 96 शल्यक्रियाएं की गईं।
नियमित रूप से की जाने वाली शल्यक्रियाएं
- ओटोलॉजी (कर्ण शल्य चिकित्सा):
- मास्टॉइडेक्टॉमी
- टिम्पैनोप्लास्टी
- कॉक्लियर इम्प्लांटेशन
- मायरिंगोटॉमी
- ग्रोमेट प्रत्यारोपण
- फेशियल नर्व डीकम्प्रेशन
- ग्लोमस टिम्पैनिकम का निष्कासन
- राइनोलॉजी (नाक एवं साइनस शल्य चिकित्सा):
- फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS)
- एंडोस्कोपिक डैक्रियोसिस्टोराइनोस्टॉमी
- एंडोस्कोपिक ऑप्टिक नर्व डीकम्प्रेशन
- एंडोस्कोपिक ऑर्बिटल डीकम्प्रेशन
- एंडोस्कोपिक हाइपोफाइसेक्टॉमी
- एंडोस्कोपिक सीएसएफ लीक रिपेयर
- एंडोस्कोपिक स्कल बेस सर्जरी
- हेड एवं नेक सर्जरी:
- जीभ, मुखतल (Floor of Mouth) तथा गाल की श्लेष्मा (Buccal Mucosa) के कैंसर का निष्कासन
- नेक डिसेक्शन
- मैक्सिलेक्टॉमी
- थायरॉयडेक्टॉमी
- पैरोटिडेक्टॉमी
- लैरिंगेक्टॉमी
- माइक्रो-लैरिंजियल सर्जरी
- डायरेक्ट लैरिंगोस्कोपी
- ब्रोंकोस्कोपी
- पैराथायरॉयडेक्टॉमी
- कैरोटिड बॉडी ट्यूमर का निष्कासन
विशेषीकृत सेवाएं (Specialized Services)
- हेड एवं नेक ट्यूमर क्लिनिक: सिर एवं गर्दन के कैंसर रोगियों के लिए बहु-विषयक क्लिनिक, जहां रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन एवं ईएनटी विशेषज्ञ मिलकर जटिल मामलों की उपचार योजना तैयार करते हैं।
- ब्रैकीथेरेपी सेवाएं: प्रारंभिक अवस्था के सिर एवं गर्दन के कैंसरों के लिए रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सहयोग से ब्रैकीथेरेपी सेवाएं प्रारंभ की गई हैं।
- पीईटी-निर्देशित बायोप्सी: न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के सहयोग से सिर एवं गर्दन के कैंसर रोगियों के लिए पीईटी-गाइडेड बायोप्सी सेवाएं प्रारंभ की गई हैं।
सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण
| क्र. सं. | पाठ्यक्रम का नाम | पाठ्यक्रम | पाठ्यक्रम की अवधि | वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या | पाठ्यक्रम का उद्देश्य / संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|---|---|---|
| विवरण शीघ्र अद्यतन किया जाएगा। | |||||
अनुसंधान
| क्र. सं. | परियोजना का शीर्षक | प्रधान अन्वेषक | सह-अन्वेषक | सहयोग | वित्तपोषण एजेंसी | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | शल्यक्रिया के दौरान निर्णय-निर्माण: 80 लगातार नमूनों में स्क्रैप साइटोलॉजी एवं फ्रोजन सेक्शन का तुलनात्मक विश्लेषण | डॉ. मनुप्रिया | डॉ. डेचेन डॉ. सी. डी. शर्मा डॉ. चित्रेश डॉ. सुदेश कुमार |
पैथोलॉजी विभाग | स्व-वित्तपोषित | पूर्ण |
| 2 | पैरोटिड ग्रंथि नवोप्लाज्म में चेहरे की तंत्रिका की शल्यक्रिया-पूर्व पहचान हेतु कॉन्ट्रास्ट एन्हांस्ड मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग एवं त्रि-आयामी डबल इको स्टेडी स्टेट मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग का संभावित तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. रेटिका पंडित | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. नेहा चौहान डॉ. नरवीर चौहान |
रेडियोलॉजी विभाग | स्व-वित्तपोषित | प्रगति पर |
| 3 | दीर्घकालिक राइनोसाइनुसाइटिस रोगियों में फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी के बाद दस्ताने से ढके हुए फिंगर नेजल पैकिंग एवं मेरोसेल नेजल पैकिंग की प्रभावशीलता का मूल्यांकन – एक संभावित प्रेक्षणात्मक अध्ययन | डॉ. ईशु गुप्ता | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. नेहा चौहान |
-- | स्व-वित्तपोषित | प्रगति पर |
| 4 | एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी करवाने वाले दीर्घकालिक राइनोसाइनुसाइटिस रोगियों में नैदानिक परिणामों एवं जीवन गुणवत्ता का मूल्यांकन | डॉ. शुभम शर्मा | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. नेहा चौहान |
-- | स्व-वित्तपोषित | प्रगति पर |
| 5 | एलर्जिक राइनाइटिस में जीवन गुणवत्ता एवं लक्षणों से राहत का मूल्यांकन – इंट्रानेज़ल स्टेरॉयड स्प्रे एवं स्टेरॉयड नेज़ल इरिगेशन की तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. राहुल | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. नेहा चौहान |
-- | स्व-वित्तपोषित | प्रगति पर |
| 6 | ऑसिकुलोप्लास्टी में हेलिक्स के क्रस (Crus of Helix) के उपयोग की प्रभावशीलता एवं परिणामों का मूल्यांकन: एक नवीन संभावित अध्ययन | डॉ. रवनीत कौर | डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. सुदेश कुमार डॉ. नेहा चौहान |
-- | स्व-वित्तपोषित | प्रगति पर |
परियोजनाओं
| क्र. सं. | शीर्षक | प्रधान अन्वेषक | सह-अन्वेषक | सहयोग (यदि कोई हो) | वित्तपोषण एजेंसी | परियोजना की स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अज्ञातहेतुक आकस्मिक संवेदी-तंत्रिकीय श्रवण हानि (Idiopathic Sudden Sensorineural Hearing Loss) में अंतःशिरा मेथाइलप्रेडनिसोलोन एवं मौखिक प्रेडनिसोलोन की प्रभावशीलता की तुलना हेतु एक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण | डॉ. सुदेश कुमार | डॉ. सुमीत अंगराल डॉ. नेहा चौहान डॉ. जगदीप ठाकुर डॉ. भूषण लाल |
आईजीएमसी शिमला एसएलबीएस मेडिकल कॉलेज मंडी |
शून्य | प्रगति पर |
| 2 | एम्स बिलासपुर में टिनिटस (कानों में आवाज़ आने) के साथ आने वाले रोगियों की नैदानिक प्रोफ़ाइल, गंभीरता एवं कारणों का अध्ययन | डॉ. सुमीत अंगराल | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. नेहा चौहान |
-- | -- | प्रगति पर |
| 3 | एकपक्षीय स्वर-रज्जु पक्षाघात (Unilateral Vocal Cord Paralysis) का नैदानिक एवं कारणात्मक विश्लेषण तथा आवाज़-संबंधित जीवन गुणवत्ता पर उसका प्रभाव | डॉ. सुमीत अंगराल | डॉ. सुदेश कुमार डॉ. नेहा चौहान |
-- | -- | प्रगति पर |
| 4 | हेलिक्स कार्टिलेज के क्रस (Crus of Helix Cartilage) का आकारिकीय मूल्यांकन: शव-आधारित अध्ययन | डॉ. सुमीत अंगराल | डॉ. निधि पुरी | शरीर रचना विज्ञान विभाग | -- | प्रगति पर |
| 5 | सिर एवं गर्दन के कैंसर में कैंसरजन्य जोखिम कारकों के संयुक्त प्रभावों का विश्लेषण | डॉ. सुमीत अंगराल | -- | -- | -- | प्रगति पर |
| विवरण शीघ्र अद्यतन किया जाएगा। | ||||||
प्रकाशन
- Sharma M, Meyes D, Bharti S, Sharma C, Kumar C, Kumar S. शल्यक्रिया के दौरान निर्णय-निर्माण: स्क्रैप साइटोलॉजी एवं फ्रोजन सेक्शन का 80 लगातार नमूनों में तुलनात्मक विश्लेषण। J Cytol. 2025 Apr-Jun;42(2):75-81.
- Kumar S, Gupta N, Thakur P, Gupta N, Bodh A. उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सिर एवं गर्दन के पैरागैंग्लियोमा: उप-हिमालयी क्षेत्र का प्रथम अनुभव। OTO Open. 2024;8(1):e112.
- Gupta N, Sareen P, Kumar S, Negi M. उत्तर भारत में मेडिकल छात्रों एवं संकाय सदस्यों के बीच न्यूक्लियर मेडिसिन तथा इसके उपयुक्त उपयोग के प्रति जागरूकता एवं ज्ञान का मूल्यांकन: एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। Asia Ocean J Nucl Med Biol. 2024;12(1):73-85.
- Malhotra M, Priya M, Bhardwaj A, Singh V, Angral S, et al. गंभीर से अति-गंभीर जन्मजात श्रवण हानि वाले व्यक्तियों में प्रसव-पूर्व, प्रसवकालीन एवं प्रसवोत्तर जोखिम कारकों की पहचान हेतु हिंदी प्रश्नावली का विकास एवं प्रमाणीकरण। Indian Journal of Otolaryngology & Head Neck Surgery. 2025.
- Kathwal J, Sharma A, Angral S, Sharma K. ट्रेकियोस्टॉमी प्रशिक्षण में अंतरालों को दूर करना: बेहतर रोगी परिणामों की दिशा में एक मार्ग। IJSEM. 2025;12(05):37-30.
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- Bano G, Raj R, Angral S, Krishna Sasanka KS, Varshney S. उपेक्षित ऑरिकुलर हेमेटोमा। IP Indian Journal of Anatomy Surgery Head, Neck and Brain. 2024;10(4):97-100.
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- Das NK, Sharma V, Soni K, Goyal A. म्यूकोर्माइकोसिस के लिए नवीन इंट्रालेशनल एम्फोटेरिसिन-बी उपचार। Indian Journal of Otolaryngology and Head & Neck Surgery. अप्रैल 2025.
- Das NK, Hameed N, Sinha M, et al. बाल रोगी में मिडिल टर्बिनेट फ्लैप का उपयोग कर एंटीरियर स्कल बेस दोष की मरम्मत। Neurology India. अप्रैल 2025.
- Das NK, Keshri A, Jain R, et al. ट्रांसकैनल कॉक्लियर इम्प्लांटेशन के बाद फेशियल पाल्सी की संभावना के क्लिनिको-रेडियोलॉजिकल पूर्वानुमानक। European Archives of Oto-Rhino-Laryngology. अप्रैल 2025.
- Manogaran R, Shukla, Chithambaram KS, et al. ट्रांसऑर्बिटल एंडोस्कोपिक पद्धति द्वारा पैरामीडियन एपिडर्मॉइड का न्यूनतम इनवेसिव निष्कासन। Neurosurgical FOCUS. मार्च 2025.
- Das NK, Kombathula SH, Sharma V, et al. सिर एवं गर्दन के कार्सिनोमा में VMAT की Sequential Boost एवं Simultaneous Integrated Boost तकनीकों के ओटोटॉक्सिक एवं जीवित रहने संबंधी परिणामों का दीर्घकालिक तुलनात्मक अध्ययन। Turkish Archives of Otorhinolaryngology. जनवरी 2025.
विस्तार योजना
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विशेष क्लीनिक:
विभाग ने पहले ही हेड एवं नेक ट्यूमर क्लीनिक प्रारम्भ कर दिया है तथा निम्नलिखित विशेष क्लीनिक स्थापित करने की योजना बना रहा है:- ओटोलॉजी एवं वर्टिगो क्लीनिक
- राइनोलॉजी क्लीनिक
ये क्लीनिक जटिल एवं विशिष्ट ईएनटी रोगों के विस्तृत मूल्यांकन तथा बहु-विषयक विचार-विमर्श को सुगम बनाएंगे।
- बी.एससी. ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी:
विभाग श्रवण एवं वाक् विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षणिक एवं नैदानिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने हेतु ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी में स्नातक कार्यक्रम प्रारम्भ करने की योजना बना रहा है। - रोटेटरी इंटर्नशिप कार्यक्रम:
उन्नत व्यावहारिक अनुभव एवं विशेषीकृत नैदानिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विभाग, एआईआईएसएच (AIISH), मैसूर के सहयोग से ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी में रोटेटरी इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रारम्भ करने की योजना बना रहा है।
01/06/2026 12:05:04



