बाल शल्य चिकित्सा
विजन वक्तव्य
शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हुए सुलभ, किफायती और उन्नत बाल चिकित्सा शल्य चिकित्सा देखभाल प्रदान करना।
मिशन वक्तव्य
बच्चों के लिए बेहतर परिणाम और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निरंतर अनुसंधान, आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने और नवीन तकनीकों के विकास के माध्यम से बाल चिकित्सा शल्य चिकित्सा देखभाल को आगे बढ़ाना।
संकाय
| क्र. सं. | फोटो | नाम एवं योग्यता | पदनाम | रुचि के क्षेत्र | ई-मेल आईडी / रिसर्चगेट प्रोफ़ाइल |
|---|---|---|---|---|---|
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डॉ. बिजया कुमार सेठी | एसोसिएट प्रोफेसर | बाल मूत्ररोग (Paediatric Urology) में न्यूनतम इनवेसिव शल्य चिकित्सा | bijayasethi338@gmail.com dr.bijaya.peadsurg@aiimsbilaspur.edu.in |
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डॉ. संदीप सिंह सेन | सहायक प्रोफेसर | बाल लेप्रोस्कोपी, बाल मूत्ररोग एवं प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा | sandeepsen154@gmail.com dr.sandeep.peadsurg@aiimsbilaspur.edu.in |
सेवाएं
अंतःरोगी विभाग (In-patient Department)
- बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण से युक्त समर्पित बाल शल्य चिकित्सा वार्ड।
- जन्मजात विकृतियों सहित नवजात एवं बाल शल्य रोगों का प्रबंधन।
- ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्टुला, आंत्र एट्रेसिया तथा एनोरेक्टल विकृतियों जैसी नवजात शल्य आपातकालीन स्थितियों की विशेष देखभाल।
- एनआईसीयू (NICU) एवं पीआईसीयू (PICU) सेवाओं के समन्वय से बाल गहन चिकित्सा सहायता।
- ओपन तथा न्यूनतम इनवेसिव/लेप्रोस्कोपिक तकनीकों सहित वैकल्पिक एवं आपातकालीन शल्य प्रक्रियाएँ।
- व्यापक शल्यक्रिया-पूर्व मूल्यांकन एवं शल्यक्रिया-पश्चात देखभाल।
- दर्द प्रबंधन, पोषण सहायता एवं संक्रमण नियंत्रण।
- नवजात विज्ञान, बाल रोग, एनेस्थीसिया एवं रेडियोलॉजी विभागों की सहभागिता से बहु-विषयक देखभाल।
बाह्यरोगी विभाग (Out-patient Department)
- जन्मजात एवं अर्जित बाल शल्य रोगों का मूल्यांकन एवं प्रबंधन।
- पहचान की गई जन्मजात विकृतियों के लिए गर्भावस्था-पूर्व (Antenatal) परामर्श।
- शल्यक्रिया-पश्चात रोगियों की अनुवर्ती देखभाल।
- बाल मूत्ररोग (Pediatric Urology), जठरांत्रीय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा परामर्श।
- लघु प्रक्रियाएँ एवं डे-केयर शल्य सेवाएँ।
- शल्य रोगियों में वृद्धि एवं विकास का मूल्यांकन।
- रोग की पहचान, उपचार विकल्पों एवं रोग-पूर्वानुमान के संबंध में अभिभावकों को परामर्श।
- व्यापक देखभाल हेतु अन्य विशेषज्ञताओं के साथ रेफरल एवं समन्वय।
विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली नैदानिक एवं उपचारात्मक प्रक्रियाएँ
A. बाल मूत्ररोग (Pediatric Urology) प्रक्रियाएँ
- यूरेथ्रोप्लास्टी, जिसमें स्नोडग्रास रिपेयर, चरणबद्ध एवं पुनः शल्यक्रिया प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
- हाइपोस्पेडियास रिपेयर (चरण-I एवं चरण-II)।
- ऑर्किडोपेक्सी (ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक) तथा ऑर्किडेक्टॉमी।
- यूरेटरिक रीइम्प्लांटेशन (जैसे कोहेन प्रक्रिया)।
- पाइलोप्लास्टी (ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक)।
- सिस्टोस्कोपी, यूरेथ्रल डाइलेशन, डीजे स्टेंट प्रत्यारोपण एवं निष्कासन।
- यूरेथ्रोक्यूटेनियस फिस्टुला (UCF) का बंद करना।
- मीटोटॉमी एवं कॉर्डी सुधार।
- पीयूवी (Posterior Urethral Valve) फुल्गरेशन।
B. सामान्य बाल शल्य चिकित्सा
- हर्नियोटॉमी / हर्नियोप्लास्टी (ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक, एकतरफा / द्विपक्षीय)।
- एपेंडेक्टॉमी (ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक)।
- खतना (Circumcision)।
- सिस्ट, साइनस, लसीका ग्रंथियों एवं कोमल ऊतक घावों का निष्कासन।
- फोड़े की चीरा एवं निकासी (Incision and Drainage)।
- पॉलीपेक्टॉमी।
C. जठरांत्रीय एवं नवजात शल्य चिकित्सा
- एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी, आंत्र रिसेक्शन एवं एनास्टोमोसिस।
- आंत्र अवरोध एवं इंटससेप्शन का प्रबंधन।
- स्टोमा निर्माण एवं बंद करना (आइलियोस्टॉमी / कोलोस्टॉमी)।
- डुओडेनोस्टॉमी एवं डुओडेनोजेजुनोस्टॉमी।
- लैड्स प्रक्रिया (Ladd’s Procedure)।
- एनोरेक्टल विकृतियों की शल्यक्रियाएँ, जिनमें PSARP, ASARP, एनोप्लास्टी एवं रेक्टल बायोप्सी शामिल हैं।
D. न्यूनतम इनवेसिव (लेप्रोस्कोपिक / थोराकोस्कोपिक) प्रक्रियाएँ
- लेप्रोस्कोपिक एपेंडेक्टॉमी, ऑर्किडोपेक्सी एवं हर्नियोटॉमी।
- लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी एवं कोलेसिस्टेक्टॉमी।
- डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी।
- थोराकोस्कोपिक प्रक्रियाएँ, जिनमें CDH रिपेयर, डिकॉर्टिकेशन एवं सिस्ट निष्कासन शामिल हैं।
E. वक्ष एवं वायुमार्ग (Thoracic & Airway) प्रक्रियाएँ
- ब्रोंकोस्कोपी द्वारा विदेशी वस्तु निकालना।
- ट्रेकियोस्टॉमी।
- VATS (वीडियो-असिस्टेड थोराकोस्कोपिक सर्जरी) प्रक्रियाएँ।
F. आपातकालीन एवं ट्रॉमा प्रक्रियाएँ
- वृषण मरोड़ (Testicular Torsion) की जाँच एवं डिटॉर्शन।
- पेरिटोनाइटिस का लैवेज सहित प्रबंधन।
- बाल आपातकालीन ट्रॉमा प्रबंधन।
G. अन्य प्रक्रियाएँ
- टंग-टाई (Tongue-Tie) रिलीज़।
- हाइड्रोसीलेक्टॉमी एवं वैरिकोसीलेक्टॉमी।
- बायोप्सी, जिनमें लसीका ग्रंथि एवं म्यूकोसल बायोप्सी शामिल हैं।
- रेडियोलॉजिकल मार्गदर्शन में की जाने वाली प्रक्रियाएँ, जैसे पिगटेल ड्रेनेज।
सांख्यिकी पाठ्यक्रम और अल्पकालिक प्रशिक्षण
| क्र. सं. | पाठ्यक्रम का नाम | पाठ्यक्रम | पाठ्यक्रम की अवधि | वर्तमान विद्यार्थियों की संख्या | उद्देश्य / पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | एम.सीएच. (3 वर्षीय) | एम.सीएच. बाल शल्य चिकित्सा – 3 वर्षीय कार्यक्रम | 3 वर्ष | 01 | 3 वर्षीय एम.सीएच. बाल शल्य चिकित्सा पाठ्यक्रम का उद्देश्य सामान्य शल्य चिकित्सा में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त चिकित्सकों को बाल शल्य चिकित्सा की सुपरस्पेशियलिटी में आवश्यक ज्ञान, अभिमुखीकरण एवं विशेषज्ञता प्रदान करना है। |
| 2 | एम.सीएच. (6 वर्षीय) | एम.सीएच. बाल शल्य चिकित्सा – 6 वर्षीय कार्यक्रम | 6 वर्ष | 0 | 6 वर्षीय एम.सीएच. बाल शल्य चिकित्सा पाठ्यक्रम का उद्देश्य एमबीबीएस के पश्चात् विद्यार्थियों को उनके मूल शल्य चिकित्सा प्रशिक्षण के प्रारम्भिक चरण से ही इस सुपरस्पेशियलिटी में आवश्यक ज्ञान, अभिमुखीकरण एवं विशेषज्ञता प्रदान करना है। |
अनुसंधान
| क्र. सं. | शीर्षक | प्रधान अन्वेषक | सह-अन्वेषक | सहयोग (यदि कोई हो) (विभाग एवं संस्थान) | वित्तपोषण एजेंसी | परियोजना की स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | वैकल्पिक एवं आपातकालीन शल्यक्रिया से गुजर रहे बाल रोगियों में शल्यक्रिया-पूर्व एवं शल्यक्रिया-अंत गैस्ट्रिक आयतन का मूल्यांकन: एक प्रेक्षणात्मक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन | डॉ. कार्तिक करण | डॉ. बिजया कुमार सेठी | शून्य (Nil) | शून्य (Nil) | सक्रिय |
| 2 | सामान्य एनेस्थीसिया के अंतर्गत कॉडल ब्लॉक के साथ एवं बिना शल्यक्रिया से गुजर रहे बाल रोगियों में परफ्यूज़न इंडेक्स की तुलना: एक भावी प्रेक्षणात्मक अध्ययन | डॉ. जॉयदीप घोष | डॉ. बिजया कुमार सेठी | शून्य (Nil) | शून्य (Nil) | सक्रिय |
| 3 | वैकल्पिक प्रक्रियाओं से गुजर रहे बाल रोगियों में एनेस्थीसिया के दौरान हाइपोग्लाइसीमिया की घटनाओं का आकलन तथा उसका शल्यक्रिया-पूर्व उपवास अवधि के साथ संबंध | डॉ. श्रेया प्रकाश | डॉ. बिजया कुमार सेठी | शून्य (Nil) | शून्य (Nil) | सक्रिय |
| 4 | पश्च मूत्रमार्ग वाल्व (Posterior Urethral Valves) के प्रबंधन में होल्मियम:YAG लेज़र फुल्गरेशन के नैदानिक एवं कार्यात्मक परिणामों का निर्धारण | डॉ. संदीप सिंह सेन | डॉ. बिजया कुमार सेठी डॉ. उमा कान्त दत्त |
शून्य (Nil) | शून्य (Nil) | ISRAC द्वारा अनुमोदित |
परियोजनाओं
| क्र. सं. | शीर्षक | प्रधान अन्वेषक | सह-अन्वेषक | सहयोग (यदि कोई हो) (विभाग एवं संस्थान) | वित्तपोषण एजेंसी |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | हाइपोस्पेडियास मरम्मत शल्यक्रिया के पश्चात् संक्रमण के जोखिम एवं एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस का मूल्यांकन: एक भावी, प्रेक्षणात्मक एवं बहु-केंद्रीय अध्ययन | डॉ. संदीप सिंह सेन | ल्यूक हार्पर मास्सिमो गैरीबोली |
यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डे ला रियूनियन, 97405 सेंट डेनिस सेडेक्स, ला रियूनियन, फ्रांस | शून्य (Nil) |
| 2 | अपेंडिसाइटिस ग्लोबल आउटकम्स स्टडी: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में समग्र प्रणाली सुदृढ़ीकरण के क्षेत्रों की पहचान | यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम | डॉ. संदीप सिंह सेन (परामर्शदाता प्रमुख) | यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के सहयोग से एनआईएचआर ग्लोबल हेल्थ रिसर्च यूनिट ऑन ग्लोबल सर्जरी | शून्य (Nil) |
विस्तार योजना
| क्र. सं. | सहयोग हेतु | विभाग एवं संस्थान के साथ सहयोग | सहयोग के अंतर्गत प्रदान की जा रही सेवाएँ / प्रगतिरत कार्य |
|---|---|---|---|
| 1 | गुर्दा प्रत्यारोपण (रीनल ट्रांसप्लांट) | यूरोलॉजी एवं नेफ्रोलॉजी विभाग | यूरोलॉजी एवं नेफ्रोलॉजी विभाग के सहयोग से गुर्दा प्रत्यारोपण सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। |
01/06/2026 14:55:50

