सामग्री अभिलेखीकरण नीति (CAP)

1. उद्देश्य

सामग्री अभिलेखीकरण नीति (CAP) वेबसाइट की ऐसी सामग्री की पहचान, समीक्षा, अभिलेखीकरण, संरक्षण तथा हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करती है, जो अब वर्तमान या सक्रिय रूप से प्रदर्शित किए जाने के लिए आवश्यक नहीं है। इसका उद्देश्य संस्थागत अभिलेखों को सुरक्षित रखना तथा सटीक एवं सुलभ सार्वजनिक जानकारी बनाए रखना है।

2. दायरा

यह नीति एम्स बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री पर लागू होती है। इसमें सूचनाएँ, परिपत्र, भर्ती विज्ञापन, निविदा दस्तावेज़, शैक्षणिक घोषणाएँ, परीक्षा संबंधी जानकारी, रिपोर्ट, समाचार, कार्यक्रमों के अभिलेख, नीतियाँ तथा डाउनलोड करने योग्य फ़ाइलें शामिल हैं।

3. उद्देश्य

  • समाप्त हो चुकी या अप्रचलित जानकारी को वर्तमान जानकारी के रूप में प्रदर्शित होने से रोकना।
  • संस्थागत तथा सार्वजनिक महत्व के अभिलेखों को सुरक्षित रखना।
  • सामग्री के अभिलेखीकरण के लिए एक समान प्रक्रिया स्थापित करना।
  • पारदर्शिता, जवाबदेही तथा लागू अभिलेख प्रबंधन संबंधी आवश्यकताओं को समर्थन देना।
  • यह सुनिश्चित करना कि अभिलेखागार में रखी गई सामग्री की स्पष्ट पहचान हो और उससे वेबसाइट पर आने वाले आगंतुकों को भ्रमित न किया जाए।

4. अभिलेखीकरण हेतु सामग्री की पहचान

निम्नलिखित परिस्थितियों में सामग्री को अभिलेखीकरण हेतु विचाराधीन किया जा सकता है:

  • सामग्री की वैधता अवधि या आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो गई हो।
  • किसी सूचना, परिपत्र या घोषणा का स्थान किसी नए या संशोधित संस्करण ने ले लिया हो।
  • कोई कार्यक्रम या गतिविधि पूर्ण हो गई हो।
  • किसी नीति, दिशानिर्देश या प्रक्रिया को प्रतिस्थापित कर दिया गया हो।
  • जानकारी वर्तमान संस्थागत कार्यों के लिए प्रासंगिक न रह गई हो।
  • संबंधित विभाग उचित प्राधिकरण के साथ अभिलेखीकरण का अनुरोध करे।

केवल सामग्री पुरानी होने के कारण उसका अभिलेखीकरण नहीं किया जाएगा, यदि वह किसी कानूनी, प्रशासनिक, शैक्षणिक, ऐतिहासिक या सार्वजनिक सूचना संबंधी उद्देश्य की पूर्ति करती रहती है।

5. अभिलेखीकरण प्रक्रिया

  1. संबंधित विभाग या वेबसाइट प्रबंधन टीम समीक्षा हेतु सामग्री की पहचान करेगी।
  2. सामग्री की वैधता, प्रासंगिकता, कानूनी दायित्वों तथा जनहित के आधार पर उसका आकलन किया जाएगा।
  3. अधिकृत प्राधिकारी यह निर्णय लेगा कि सामग्री को सक्रिय रूप से प्रदर्शित रखा जाए, अद्यतन किया जाए, अभिलेखागार में रखा जाए या हटाया जाए।
  4. वेबसाइट प्रशासक अनुमोदित कार्रवाई को लागू करेगा।
  5. अभिलेखागार में रखी गई सामग्री पर उपयुक्त लेबल लगाया जाएगा, ताकि उसे वर्तमान जानकारी से अलग पहचाना जा सके।
  6. निष्क्रिय लिंक या भ्रामक जानकारी से बचने के लिए लिंक, संलग्नकों तथा संदर्भों की जाँच की जाएगी।
  7. संस्थागत प्रक्रियाओं के अनुसार अभिलेखीकरण संबंधी कार्रवाई का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

6. अभिलेखीकरण एवं संरक्षण अवधि

अभिलेखों की संरक्षण अवधि संबंधित विभाग द्वारा उपयुक्त प्रशासनिक या अभिलेख प्रबंधन प्राधिकारी के परामर्श से निर्धारित की जाएगी। इसमें भारत सरकार के लागू निर्देशों, संस्थागत अभिलेख संरक्षण समय-सारणी तथा कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।

वेबसाइट पर सामग्री को सक्रिय प्रदर्शन से हटाने का अर्थ यह नहीं है कि आधिकारिक अभिलेखों को स्वतः नष्ट करने की अनुमति मिल गई है। अभिलेखों को केवल अनुमोदित समय-सारणी तथा आवश्यक प्राधिकरण के अनुसार ही सुरक्षित रखा जाएगा या उनका निपटान किया जाएगा।

7. अभिलेखागार में रखी सामग्री तक पहुँच

जहाँ उपयुक्त और अधिकृत हो, वहाँ अभिलेखागार में रखी सामग्री को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रखा जा सकता है। प्रकाशित अभिलेखीय सामग्री पर उसकी ऐतिहासिक स्थिति या संबंधित तिथि का उल्लेख होना चाहिए। गोपनीय, प्रतिबंधित, व्यक्तिगत या संरक्षित जानकारी का प्रबंधन लागू कानूनों तथा संस्थागत नीतियों के अनुसार किया जाएगा।

8. प्रतिस्थापन एवं संस्करण नियंत्रण

किसी सूचना, नीति या दस्तावेज़ को प्रतिस्थापित किए जाने पर वर्तमान संस्करण की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जाएगी। जहाँ उपयुक्त हो, ऐतिहासिक या प्रशासनिक संदर्भ के लिए पुराने संस्करण का लिंक बनाए रखा जा सकता है। अभिलेखागार में रखे गए पुराने संस्करणों को वर्तमान में लागू सामग्री के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।

9. जिम्मेदारियाँ

  • संबंधित विभाग: पुरानी सामग्री की पहचान करेगा तथा उसकी निरंतर प्रासंगिकता की पुष्टि करेगा।
  • अधिकृत अनुमोदन प्राधिकारी: आवश्यकतानुसार अभिलेखीकरण, संरक्षण या सामग्री हटाने की अनुमति देगा।
  • वेबसाइट प्रशासक/प्रकाशक: अनुमोदित कार्रवाइयों को लागू करेगा तथा लिंक और सामग्री की स्थिति की जाँच करेगा।
  • वेब सूचना प्रबंधक (WIM): नीति के कार्यान्वयन का समन्वय करेगा तथा इसके अनुपालन की निगरानी करेगा।

10. समीक्षा एवं अनुमोदन

संबंधित सरकारी निर्देशों, अभिलेख संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं या संस्थागत प्रक्रियाओं में बदलाव होने पर तथा समय-समय पर इस नीति की समीक्षा की जाएगी। इसका कार्यान्वयन एम्स बिलासपुर के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद किया जाएगा।