वेबसाइट निगरानी योजना

1. उद्देश्य

वेबसाइट निगरानी योजना का उद्देश्य एम्स बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट की उपलब्धता, कार्यक्षमता, प्रदर्शन, सामग्री की अखंडता तथा उपयोगिता की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण स्थापित करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों, रोगियों, विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों को संस्थान से संबंधित विश्वसनीय जानकारी और ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।

2. दायरा

इस योजना में सार्वजनिक वेबसाइट, प्रमुख पृष्ठ एवं नेविगेशन, सामग्री प्रबंधन प्रणाली (CMS), डाउनलोड किए जा सकने वाले दस्तावेज़, आंतरिक एवं बाहरी लिंक, फॉर्म तथा अन्य प्रकाशित ऑनलाइन सेवाएँ शामिल हैं। यह सभी गतिविधियाँ अधिकृत तकनीकी टीमों की जिम्मेदारियों और उपलब्ध पहुँच व्यवस्थाओं के अधीन होंगी।

3. निगरानी के उद्देश्य

  • वेबसाइट के बंद होने तथा सेवाओं में व्यवधान की पहचान करना।
  • टूटे हुए लिंक, अनुपलब्ध पृष्ठों तथा अप्राप्य दस्तावेज़ों का पता लगाना।
  • वेबसाइट के प्रदर्शन तथा पृष्ठ लोड होने से संबंधित समस्याओं की पहचान करना।
  • यह सत्यापित करना कि महत्वपूर्ण सूचनाएँ और घोषणाएँ सही ढंग से प्रदर्शित हो रही हैं।
  • सामान्यतः उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और ब्राउज़रों पर वेबसाइट की उपयोगिता की जाँच करना।
  • संभावित सुरक्षा घटनाओं अथवा अनधिकृत परिवर्तनों की पहचान करना।
  • सुगम्यता, बहुभाषी सामग्री में एकरूपता तथा लागू सरकारी वेबसाइट संबंधी दिशानिर्देशों के अनुपालन में सहायता करना।
  • घटनाओं, सुधारात्मक कार्रवाइयों तथा अनुवर्ती कार्यवाही का अभिलेख बनाए रखना।

4. निगरानी गतिविधियाँ एवं आवृत्ति

उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के अनुसार अनुमोदन एवं कार्यान्वयन हेतु निम्नलिखित निगरानी कार्यक्रम प्रस्तावित है।

निगरानी गतिविधि प्रस्तावित आवृत्ति
वेबसाइट की उपलब्धता तथा प्रमुख सेवाओं में विफलता जहाँ स्वचालित निगरानी उपलब्ध हो, वहाँ उसके माध्यम से निगरानी तथा अधिकृत कर्मियों को अलर्ट भेजना
होमपेज, प्रमुख सूचनाएँ तथा महत्वपूर्ण सार्वजनिक जानकारी प्रतिदिन अथवा महत्वपूर्ण अपडेट होने पर
आंतरिक लिंक, बाहरी लिंक तथा पृष्ठ संबंधी त्रुटियाँ कम-से-कम साप्ताहिक
फॉर्म, डाउनलोड तथा प्रमुख सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएँ कम-से-कम साप्ताहिक तथा संबंधित बदलावों के बाद
वेबसाइट का प्रदर्शन तथा पृष्ठ लोड होने से संबंधित समस्याएँ समय-समय पर तथा महत्वपूर्ण तकनीकी बदलावों के बाद
सामग्री की अखंडता तथा अनधिकृत परिवर्तन उपलब्ध सुरक्षा नियंत्रणों तथा नियमित जाँच के माध्यम से
सुगम्यता तथा मोबाइल उपकरणों पर प्रदर्शन समय-समय पर तथा डिज़ाइन या प्लेटफ़ॉर्म में महत्वपूर्ण बदलावों के बाद
CMS, सॉफ़्टवेयर अपडेट तथा सुरक्षा संबंधी परामर्श लागू परामर्शों तथा रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार नियमित रूप से
निगरानी अभिलेख तथा अनसुलझी समस्याएँ मासिक आधार पर अथवा गंभीर घटनाओं के मामले में अधिक बार

यह एक प्रस्तावित निगरानी कार्यक्रम है। वास्तविक निगरानी व्यवस्था और प्रतिक्रिया संबंधी लक्ष्य संस्थान द्वारा अनुमोदित किए जाएँगे तथा नामित तकनीकी सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारियों के अनुरूप निर्धारित किए जाएँगे।

5. निगरानी प्रक्रिया

  1. नामित तकनीकी टीम स्वीकृत निगरानी उपकरणों तथा आवश्यकता पड़ने पर मैन्युअल सत्यापन के माध्यम से वेबसाइट की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की जाँच करेगी।
  2. अलर्ट, शिकायतों तथा पाई गई समस्याओं को उनकी तिथि, समय, प्रभावित पृष्ठ या सेवा और उपलब्ध निदान संबंधी जानकारी सहित दर्ज किया जाएगा।
  3. समस्या को सार्वजनिक पहुँच, संस्थागत कार्यों, जानकारी की सटीकता अथवा सुरक्षा पर उसके प्रभाव के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
  4. जिम्मेदार तकनीकी टीम समस्या की जाँच करेगी और संबंधित सामग्री प्रभारी या सेवा प्रदाता के साथ समन्वय स्थापित करेगी।
  5. अधिकृत रखरखाव प्रक्रिया के माध्यम से सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  6. सुधार के बाद प्रभावित पृष्ठ या सेवा का दोबारा परीक्षण किया जाएगा।
  7. की गई कार्रवाई, परिणाम तथा जहाँ लागू हो, निवारक उपायों सहित घटना के अभिलेख को अद्यतन किया जाएगा।

6. सामग्री एवं लिंक की निगरानी

वेबसाइट प्रबंधन टीम यह सुनिश्चित करेगी कि महत्वपूर्ण सामग्री अद्यतन, अनुमोदित तथा सही ढंग से प्रदर्शित हो। आंतरिक लिंक, बाहरी लिंक, डाउनलोड योग्य दस्तावेज़ तथा नेविगेशन संबंधी विकल्पों की समय-समय पर जाँच की जाएगी। लागू सरकारी वेबसाइट संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, जहाँ आवश्यक हो, बाहरी लिंक की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए।

टूटे हुए लिंक, अनुपलब्ध फ़ाइलें, समाप्त हो चुकी घोषणाएँ तथा अप्रचलित जानकारी के संदर्भों की सूचना संबंधित विभाग को सुधार, प्रतिस्थापन या अभिलेखीकरण हेतु दी जाएगी।

7. सुरक्षा एवं तकनीकी निगरानी

अधिकृत कर्मी नामित आईटी टीम या सेवा प्रदाता के समन्वय से सुरक्षा निगरानी करेंगे। स्वीकृत सुरक्षा व्यवस्थाओं के अधीन, इन गतिविधियों में सिस्टम अलर्ट, पहुँच अभिलेख, सॉफ़्टवेयर संबंधी परामर्श, बैकअप की स्थिति तथा अनधिकृत परिवर्तनों के संकेतों की समीक्षा शामिल हो सकती है।

सॉफ़्टवेयर अपडेट, कॉन्फ़िगरेशन में बदलाव तथा रखरखाव संबंधी गतिविधियाँ अधिकृत परिवर्तन-प्रबंधन प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएँगी। जहाँ व्यावहारिक हो, उत्पादन परिवेश (Production Environment) में लागू करने से पहले परिवर्तनों का परीक्षण किया जाना चाहिए।

8. घटना की रिपोर्टिंग एवं एस्केलेशन

वेबसाइट से संबंधित समस्याओं की सूचना निर्धारित संस्थागत या तकनीकी सहायता माध्यम के जरिए दी जाएगी। प्रमुख सार्वजनिक सेवाओं, संवेदनशील जानकारी, वेबसाइट की अखंडता अथवा व्यापक उपलब्धता को प्रभावित करने वाली घटनाओं को शीघ्र ही जिम्मेदार तकनीकी प्राधिकारी और संस्थान के प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

घटना के अभिलेख में निम्नलिखित विवरण शामिल होने चाहिए:

  • समस्या का पता चलने की तिथि और समय।
  • प्रभावित सेवा या पृष्ठ।
  • समस्या की प्रकृति तथा उसका प्रभाव।
  • की गई कार्रवाई तथा जिम्मेदार टीम।
  • सेवा बहाली या समस्या के समाधान की स्थिति।
  • जहाँ लागू हो, निवारक उपाय।

9. रिपोर्टिंग एवं जवाबदेही

नामित तकनीकी टीम उचित निगरानी और घटना संबंधी अभिलेखों का रखरखाव करेगी। समय-समय पर तैयार की जाने वाली रिपोर्टों में वेबसाइट की उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ, टूटे हुए लिंक, अनसुलझी घटनाएँ, प्रदर्शन संबंधी चिंताएँ, रखरखाव गतिविधियाँ तथा सुधारात्मक कार्रवाइयों का सारांश शामिल किया जा सकता है। इन रिपोर्टों की समीक्षा नामित प्राधिकारी द्वारा की जाएगी।

10. समीक्षा एवं अनुमोदन

वेबसाइट के बुनियादी ढाँचे, सेवा व्यवस्थाओं अथवा लागू सरकारी दिशानिर्देशों में महत्वपूर्ण बदलाव होने पर तथा समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाएगी। इसका कार्यान्वयन एम्स बिलासपुर द्वारा अनुमोदित जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं के अनुसार किया जाएगा।